तीन महीने के बच्चे को शाहीन बाग़ ले कर जाती थी माँ, ठण्ड से हो गई बच्चे की मौ’त, इन्हें ठहराया जिम्मेदार

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पिछले दो महीनों से दिल्ली के शाहीन बाग़ में सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर कब्जा कर के बैठे हैं. उनमे महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है. महिलायें कम पढ़ी लिखी और गरीब हैं. वो सड़क कब्ज़ा कर के बैठी हैं क्योंकि वामपंथी मीडिया संगठनों और स्वरा भास्कर जैसे बेरोजगार फ़िल्मी सितारों ने उनके दिमाग में ये भर दिया है कि CAA के जरिये मोदी सरकार उनकी नागरिकता छीनने वाले है. बस उनकी बातों पर यकीन कर के महिलायें ठण्ड में सड़कों पर बैठ गई और उन्हें भड़का कर स्वरा भास्कर, द वायर की आरफा खानम जैसे एजेंडावादी लोग अपने आलिशान फ्लैट्स में चैन से सो गए.  

शाहीन बाग़ के इसी प्रदर्शन में आती थी नाजिया नाम की महिला और साथ में लाती थी अपने तीन महीने के मासूम बच्चे को. जनवरी की भीषण ठण्ड में वो मासूम बच्चा अपने माँ-बाप के जाहिलियत और बेवकूफी का शिकार हो गया, तीन महीने का वो बच्चा स्वरा भास्कर और आरफा खानम जैसे वामपंथी एजेंडावादी लोगों की राजनीति का शिकार हो गया और ठण्ड लगने से उसकी मौ’त हो गई.

बच्चे का नाम था मोहम्मद जहान. उसका पिता मोहम्मद आरिफ ई रिक्शा चलाता था. और बाटला हाउस के इलाके में एक झोपडी में रहता था. बच्चे के माता-पिता ने उसकी मौ’त के लिए CAA और NRC को जिम्मेदार ठहराया है. लेकिन वो भूल गया कि अपने बच्चे का का’तिल वो खुद है. जिस मासूम को CAA और NRC का मतलब तक नहीं पता. जिस बच्चे को खुद का नाम तक नहीं पता उसे उसकी माँ भीषण ठण्ड में कुछ वामपंथी सेलेब्रिटीज के एजेंडा के मंच पर ले जाती थी. उस मासूम की ह’त्या खुद उसके माँ-बाप ने की है.

लेकिन उनकी जाहिलियत बच्चे के मौ’त के बाद भी ख़त्म नहीं हुई है. उनका कहना था कि बच्चा अल्लाह की देन था, अल्लाह के पास चला गया. अब वामपंथी उसकी मौ’त को क्रांति की राह में शहीदी बता कर जश्न मनाएंगे और अपना एजेंडा चलाएंगे.