2019 लोकसभा चुनाव में हुए है बहुत से बदलाव, पहली बार होगा ये सब

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2019 के लोकसभा चुनाव की तारिख घोषित हो गयी है . ओर साथ में चुनाव अचार संहिता भी लागू कर दिया गया है . वहीं चुनाव आयोग ने भी बहुत सारे कदम उठाए हैं क्योंकि पिछले दिनों चुनाव आयोग पर भी लांछन  लगाए गए थे इसलिए इसबार उन्होंने  बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं वहीं इस चुनाव में युवाओं और महिला वोटर्स पर नजर रहेगी.राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को लेकर भी चुनाव आयोग ने कुछ बड़े कदम उठाए हैं.

आईए हम आपको बताते हैं इस चुनाव में कौन सी है वो चीजें जो होंगी पहली बार

कुल 90 करोड़ वोटर

इस आम चुनाव में 90 करोड़ वोटर वोट डालेंगे.2014 में  81 करोड़ वोटर्स थें .2014  के मुकाबले इस बार 8.4 करोड़ मतदाता बढ़े हैं.1.5 करोड़ मतदाता 18 से 19 आयु वर्ग के हैं.देश भर के 99.3 प्रतिशत मतदाताओं के पास मतदाता पहचान पत्र हैं.लक्षद्वीप में सबसे कम 49,922 वोटर होंगे.सबसे ज्यादा मल्कानगिरी में 31,83,325 मतदाता है।

सोशल मीडिया पर विज्ञापन के लिए पूर्व मंजूरी जरूरी

राजनीतिक दलों को सोशल मीडिया पर विज्ञापन देने से चुनाव आयोग से पहले मंजूरी लेनी होगी.आयोग ने फेसबुक, टि्‌वटर से विज्ञापनों के वेरिफिकेशन के लिए भी कहा है.नामांकन दाखिल करते वक्त उम्मीदवारों को सोशल मीडिया अकाउंट्‌स का ब्योरा भी देना होगा.सोशल मीडिया पर होने वाले विज्ञापनों के खर्च को उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा.यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि कई बार इसके वजह से फेक न्यूज़ फैलाए जाते हैं .

सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी भी होगी

चुनाव योग ने सभी मतदान केंद्रों की सुरक्षा को लेकर की कदम उठाए है जिसमे से एक सबसे जरूरी घोषणा है मतदान केन्द्रों  पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे होंगे.पूरी चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होगी.जिससे चुनाव पारदर्शी होगा और कोई धांधली भी नहीं होगी.

पैन कार्ड जरूरी

वोटर आई डी कार्ड के बाद अब चुनाव लड़ने के लिए पैन कार्ड भी बहुत ज़रूरी है. बगैर पैन कार्ड के प्रत्याशी नहीं बन सकेंगे.उन्हें नामांकन के साथ पैन देना होगा.

जीपीएस से ट्रैकिंग

ईवीएम की सुरक्षा चुनाव के लिए बहुत ज़रूरी होती है. इसलिए इसकी सुरक्षा जीपीएस ट्रैकिंग से होगी. चुनाव योग के इस कदम से ईवीएम लूट जैसी घटनाएं रूकेंगी और आशा है कि क्राइम रेट भी कमेगा.

सभी बूथ पर वीवीपैट मशीनें

सभी पोलिंग स्टेशन पर वीवीपैट मशीने लगाई जाएंगी. इससे वोटर जान सकेंगे कि उनका वोट किसे पड़ा है. हर उम्मीदवार को इसके लिए फार्म भरना होगा। कई बार ऐसी खबरें आती है कि ईवीएम मशीन खराब है या हैक की गई हैं ओर वोटर्स असंतुष्ट रहते है . इसलिए इन सब बातों को ध्यान में रख कर चुनाव आयोग ने वीवीपैट