भारतीय सेना का पाकिस्तानी सेना को करारा जवाब, दी सीज़फायर उल्लंघन की सजा

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कितना ही शान्ति शांति करते रहे, पर शायद उनका अपनी सेना पर भी बस नही है, तभी तो वो लगातार सीज़फायर का उल्लंघन कर रही है, पर कल का दिन पाकिस्तान नही भूल पाएगा जब सीज़फायर उल्लंघन का जवाब पाकिस्तान को अपने 12 सैनिकों की  मौत से मिला, इंडियन आर्मी के तरफ से हुए हमले में पाकिस्तानी सेना के 6 कैम्पस को तबाह कर दिया जिसमें 2 पाकिस्तानी ऑफिसर्स समेत 12 सैनिकों की मौत हो गई और लगभग 22 सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए.

सूत्रों के मुताबिक भारतीय सेना ने कल राजौरी और पुंछ जिलों में एलओसी पर पाकिस्तानी सैनिकों के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई की.. भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को करारा जवाब दिया, जो पिछले 20 दिनों से लगातार भारतीय सेना के कैम्पस और आस पास के रिहायशी इलाकों को निशाना बना रही थीं।

इतना ही नहीं सूत्रों ने पुष्टि की है कि भारतीय सैनिकों द्वारा जवाबी फायरिंग में पाकिस्तानी सेना के कम से कम 12 जवान मारे गए। उन्होंने कहा कि दो प्रीमियम सहित 12 ताबूत, जो पाकिस्तान सेना के अधिकारियों के लिए उपयोग किए जाते हैं, उच्च संकल्प गैजेट के माध्यम से सुंदरबनी सेक्टर में पाकिस्तान के ब्रिगेड मुख्यालय में देखे गए थे।

इसके तुरंत बाद, दो पाकिस्तानी सेना के हेलिकॉप्टरों ने एलओसी के ऊपर से उड़ान भरी और ब्रिगेड मुख्यालय से रावलपिंडी तक सैनिकों के शव ले गए, सूत्रों ने कहा कि 22 पाकिस्तानी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत बेहद गंभीर है।

सूत्रों ने ये भी बताया कि, ” भारतीय सेना की इस जवाबी कार्रवाई के बाद सुंदरबनी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना के कैंप में आभासी दहशत साफ़ दिख रही  थी। हिंदुस्तान की तरफ से हुई इस जवाबी कार्यवाही के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट साफ़ दिख रही थी.. जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने बालाकोट और मेंधार के निर्दोष नागरिकों पर ही हमला करना शुरू कर दिया.   

पाकिस्तानी सेना ने लंबी दूरी के मोर्टार का इस्तेमाल करते हुए गोलाबारी शुरू कर दी और लगभग 3.40(पौने चार) बजे मेंधर और बालाकोट सेक्टरों में भारी हथियारों के साथ गोलीबारी की, सीधे ग्रामीणों को निशाना बनाया, जो अपने खेतों में काम कर रहे थे या अन्य काम पर बाहर थे। लोगों ने जिंदा रहने के लिए घरों, बंकरों में जाकर शरण ली, हालांकि इस गोलाबारी में कुछ घर क्षतिग्रस्त जरूर हुए हैं , किसी के हताहत होने की कोई रिपोर्ट नही है

शाम 7 बजे के आसपास ये गोलाबारी बंद हुई, जिसके बाद जाकर आम नागरिकों को राहत मिली।

पाकिस्तान की तरफ से चल रही इस गोलाबारी और गोलीबारी का हिन्दुस्तानी सेना ने बखूबी जवाब दिया,

राजौरी जिले के नोह्शेरा और सुंदरबनी नियंत्रण रेखा पर अचानक ही गोलीबारी और गोलाबारी करना शुरू कर दिया  था जिसके बाद हिंदुस्तान की तरफ से की गई जवाबी कार्यवाही में पाकिस्तानी सेना का काफी हानि हुई.

हालाँकि सीज़फायर उल्लंघन में हमारी सेना के भी दो जांबाज़ सिपाही शहीद हो गए, जिनमें एक थे उधमपुर के रहने वाले 24 वर्षीय राइफलमैन यश पॉल और दुसरे थे पंजाब के मोगा डिस्ट्रिक्ट से राइफलमैन करमजीत सिंह.. पिछले पांच दिनों के दौरान भारत के इन दो सिपाहियों की शहादत ना केवल हिंदुस्तानी सेना बल्कि पूरे हिंदुस्तान के लिए दुखद हानि है.. दोनों ही शदीद सैनिकों को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, भारतीय सेना के दो जवानों के अलावा पाकिस्तानी हमले में चार आम नागरिक भी मारे गए और कई अन्य गंभीर रूप से घायल भी हुए,  

पाकिस्तानी सेना ने 2019 में अब तक नियंत्रण रेखा पर 110 से अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। LOC पर सीज़फायर उल्लंघन में दोनों ही देशों को भारी नुकसान हुआ है, हालाँकि हिन्दुस्तानी आर्मी चीफ ने हिन्दुस्तानी सेना की तैयारियों और उनके मनोबल की सराहना की