मोदी सरकार की नयी शिक्षा नीति को लेकर कांग्रेस में फूट, कांग्रेस नेता ने किया समर्थन फिर राहुल से मांगी माफ़ी

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बुधवार को मोदी सरकार ने 34 सालों बाद देश की शिक्षा नीति में बदलाव किया. ये एक ऐसा कदम था जिसकी जरूरत लम्बे समय से महसूस की जा रही थी. नयी शिक्षा नीति का कुछ लोगों ने स्वागत किया तो कई स्वर विरोध के भी उठे. लेकिन कांग्रेस में इसको लेकर बगावत हो गई. दक्षिण भारतीय फिल्म अभिनेत्री और कांग्रेस नेत्री खुशबू सुन्दर ने इस शिक्षा नीति का समर्थन किया है. साथ ही उन्होंने पार्टी के स्टैंड के खिलाफ जाने के लिए राहुल गाँधी से माफ़ी भी मांगी है.

खुशबू ने ट्वीट कर कहा, ‘नई शिक्षा नीति 2020 पर मेरा स्टैंड मेरी पार्टी से अलग है और मैं इसके लिए राहुल गांधी से माफी मांगती हूं. लेकिन मैं कठपुतली या रोबोट की तरह सिर हिलाने के बजाए तथ्यों पर बात करती हूं. अपने नेता से हम हर चीज पर सहमत नहीं हो सकते, लेकिन बतौर नागरिक बहादुरी से अपनी राय या विचार रख सकते हैं.’

खुशबू ने एक नहीं बल्कि कई ट्वीट किये. हालंकि खुशबू ने नयी शिक्षा नीति की तारीफ़ तो की लेकिन अगली ही ट्वीट में मोदी सरकार पर निशाना साध कर बात को बैलेंस करने की भी कोशिश की. एक अन्य ट्वीट में खुशबू ने कहा, ‘राजनीति महज शोर मचाने के लिए नहीं है, इसके बारे में मिलकर साथ काम करना है. और भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री कार्यालय को इसे समझना होगा. बतौर विपक्ष, हम इस पर विस्तार से देखेंगे और खामियों को इंगित करेंगे. भारत सरकार को नई शिक्षा नीति से जुड़ी खामियों को लेकर हर किसी को विश्वास में लेना चाहिए.’

गौरतलब है कि शिक्षा नीति में बदलाव के साथ ही अब से कई चीजें बदल जायेंगी. नई शिक्षा नीति के तहत एमफिल कोर्सेज को खत्म किया जा रहा है. पांचवी तक की पढ़ाई होम लैंग्वेज, मातृ भाषा या स्थानीय भाषा माध्यम से की जा सकती है. छठी कक्षा के बाद से ही वोकेशनल एजुकेशन की शुरुआत हो सकेगी. यूनिवर्सिटीज और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए कॉमन एन्ट्रेंस एग्जाम होंगे. सभी सरकारी और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक तरह के मानदंड होंगे. लीगल और मेडिकल कॉलेजों को छोड़कर सभी उच्च शिक्षण संस्थानों का संचालन सिंगल रेग्युलेटर के जरिए होगा.