चीन जाकर सुषमा स्वराज ने दिया, पाक पर हुए हमले पर बड़ा बयान

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चीन के वुजेन शहर में रूस-भारत-चीन (RIC) समूह के विदेश मंत्रियों की 16वीं बैठक  में आतंकवाद का मुद्दा एक बार फिर छाता हुआ दिखाई दिया. सुषमा स्वराज ने ज्वाइंट प्रेस कांफ्रेस में हिस्सा लेते हुए एक बार फिर आतंकवाद पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आतंकवाद तो पूरी मानवता के लिए खतरा है, इसलिए सिर्फ कुछ देशों की रणनीति से नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि जहां तक पुलवामा हमले की बात है, मैंने यह मुद्दा दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के सामने द्विपक्षीय मंच पर उठाया.  

जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन के वुजेन शहर में रूस-भारत-चीन(आरआईसी) समूह के विदेश मंत्रियों की 16वीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘मान्यवर, यह (बालाकोट कार्रवाई) सैन्य अभियान नहीं था, किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है. इस कार्रवाई का सीमित उद्देश्य आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों के खिलाफ निणार्यक कदम उठाना था. भारत तनाव को और नहीं बढ़ाना चाहता है. भारत लगातार जिम्मेदारी और संयम के साथ काम करता आ रहा है

विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने चीन में कहा, “हमें वैश्विक रणनीति बनानी होगी, वैश्विक सहयोग की ज़रूरत होगी. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने UN के नेतृत्व में वैश्विक काउंटर-टेररिज़्म मैकेनिज़्म बनाने और उसे लागू करने के लिए भारत द्वारा प्रस्तावित CCIT (कॉम्प्रेहेन्सिव कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म) को अंतिम रूप देने पर चर्चा की है.

रूस-भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक से अलग हुई इस मुलाकात के दौरान स्वराज ने कहा, “मैं ऐसे वक्त में चीन आई हूं जब भारत में शोक और गुस्से का माहौल है। यह जम्मू-कश्मीर में हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ सबसे भीषण हमला है।” उन्होंने कहा, “यह हमला पाकिस्तान स्थित और समर्थिक संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने किया है।”

स्वराज ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मांग के बाद भी पाकिस्तान ने गंभीर होने बजाय हमले की जानकारी होने से इनकार कर दिया और जैश-ए-मोहम्मद के कबूलनामों को भी नहीं माना। 

स्वराज ने आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पुलवामा में भयानक आतंकी हमला ये याद दिलाता है कि सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ जीरो टोलिरेंस की नीति अपनानी होगी। उन्होंने बैठक में कहा कि पाकिस्तान अपने यहां आतंकवादी संगठनों के पलने की बात मानने से और उनपर कार्रवाई करने से इनकार करता रहा है। जैश-ए-मोहम्मद आगे भी भारत पर हमले की योजना बना रहा था। भारत सरकार ने इसपर कार्रवाई करने का निर्णय लिया। ऐसा लक्ष्य चुना गया जिससे आम नागरिकों को हानि ना पहुंचे।

उन्होंने कहा कि ये कोई मिलिट्री ऑपरेशन नहीं था, इसमें किसी मिलिट्री इंस्टॉलेशन को भी निशाना नहीं बनाया गया। इसका उद्देश्य भारत में एक और हमले को रोकने के लिए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई करना था। भारत स्थिति को बढ़ते नहीं देखना चाहता। भारत जिम्मेदारी और संयम के साथ काम करना जारी रखेगा।

उन्होंने कहा कि भारत-चीन का रिश्ता दोनों देशों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीते साल हुई बैठक के बाद दोनों के आपसी रिश्ते में काफी सुधार हुआ है। बता दें स्वराज रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की एक बैठक में शामिल हुई हैं। ये बैठक चीन के वुहान में हुई|


पाकिस्तान के बालाकोट में इंडियन एयरफोर्स की एयर स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। इंडियन एयरफोर्स के मिराज 2000 फाइटर जेट्स ने लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पार कर जैश-ए-मोहम्‍मद के ठिकानों पर 1000 किलोग्राम बम दागे थे। सूत्रों के मुताबिक, इस एयर स्ट्राइक में 300 से अधिक आतंकी मारे गए हैं और बालाकोट में पूरा का पूरा आतंकी कैंप तबाह हो गया है। भारतीय वायुसेना की इस जाबांजी के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। सभी राजनीतिक दलों ने भी इंडियन एयरफोर्स को बधाई दी है।

वहीं, पाकिस्तान की तरफ से किसी भी जवाबी हमले को नाकाम करने के लिए एयरफोर्स डिफेंस सिस्टम को अलर्ट रखा गया है। दूसरी तरफ पाकिस्तान ने एयर स्ट्राइक के बाद बौखलाहट में बॉर्डर की कई चौकियों पर गोलीबारी की जिसका भारतीय फौजों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। भारत ने अब कूटनीतिक मोर्चे पर पाक को अलग-थलग करने की अपनी मुहिम तेज कर दी है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ हुई मुलाकात में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले का मुद्दा उठाया।

फलस्वरूप अमेरिका ने कहा है कि बिना उसकी अनुमति के पाकिस्तान इन लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल नहीं कर सकता।  भारतीय वायु सीमा का उल्लंघन करना पाकिस्तान को भारी पड़ सकता है। पाकिस्तानी वायु सेना के एफ-16 लड़ाकू विमानों ने बुधवार को वायु सीमा का उल्लंघन किया और उसके एक लड़ाकू विमान को भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में मार गिराया। दरअसल, पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमान अमेरिका से मिले हैं।

इसके पहले अमेरिका ने पाकिस्तान को दो टूक शब्दों में कहा है कि वह सैन्य कार्रवाई के जरिए स्थिति को जटिल न बनाए और अत्यधिक संयम बरते। अमेरिका ने पाकिस्तान से आतंकियों पर कार्रवाई करने के लिए भी कहा है। भारत के लड़ाकू विमानों ने मंगलवार तड़के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी प्रशिक्षण केंद्र पर हमला किया। इस हमले में 350 आतंकियों के मारे गए।